श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.30.13 
पुरा प्राकारमायाति क्षिप्रमेकतरं कुरु।
सीतां वापि प्रयच्छाशु युद्धं वापि प्रदीयताम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इससे पहले कि वे लंका की प्राचीर तक पहुँचें, तुम्हें शीघ्रतापूर्वक दो काम करने होंगे - या तो सीता को उन्हें लौटा दो, या युद्धभूमि में खड़े होकर उनका सामना करो॥13॥
 
“Before they reach the ramparts of Lanka, you must quickly do one of two things - either return Sita to them or stand on the battlefield and face them.”॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)