Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.30.10: वानर मुझे पीट रहे थे और मैं हाथ जोड़कर रक्षा के लिए विनती कर रहा था। उस स्थिति में श्री राम ने अचानक 'मुझे मत मारो, मुझे मत मारो' कहकर मेरी रक्षा की॥ 10॥ | ramayan सर्ग 6.30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हरिभिर्वध्यमानश्च याचमान: कृताञ्जलि:।
राघवेण परित्रातो मा मेति च यदृच्छया॥ १०॥
अनुवाद
वानर मुझे पीट रहे थे और मैं हाथ जोड़कर रक्षा के लिए विनती कर रहा था। उस स्थिति में श्री राम ने अचानक 'मुझे मत मारो, मुझे मत मारो' कहकर मेरी रक्षा की॥ 10॥
The monkeys were beating me and I was pleading with folded hands for protection. In that situation, Shri Ram suddenly saved me by saying 'Don't kill me, don't kill me'.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥