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ramayan 6.29.24: सुवेल पर्वत के पास जाकर वे गुप्तचर छिप गए और उन्होंने श्री राम, लक्ष्मण, सुग्रीव और विभीषण को देखा।   |   ramayan सर्ग 6.29: रावण का शुक और सारण को फटकारना,उसके भेजे गुप्तचरों का श्रीराम की दया से वानरों के चंगुल से छूटकर लङ्का में आना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.29.24 
ते सुवेलस्य शैलस्य समीपे रामलक्ष्मणौ।
प्रच्छन्ना ददृशुर्गत्वा ससुग्रीवविभीषणौ॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सुवेल पर्वत के पास जाकर वे गुप्तचर छिप गए और उन्होंने श्री राम, लक्ष्मण, सुग्रीव और विभीषण को देखा।
 
Going near the Suwel mountain, those spies remained hidden and saw Shri Ram, Lakshman, Sugreeva and Vibhishana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)