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हन्यामहं त्विमौ पापौ शत्रुपक्षप्रशंसिनौ।
यदि पूर्वोपकारैर्मे क्रोधो न मृदुतां व्रजेत्॥ १३॥
अनुवाद
यदि उनके पूर्व उपकारों का स्मरण करके मेरा क्रोध शांत न हुआ होता, तो मैं अभी शत्रु की स्तुति करने वाले इन दोनों पापियों को मार डालता॥13॥
If my anger had not been subsided by remembering their earlier favours, I would have killed these two sinners who were praising the enemy right now.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥