Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.29.12: यह तो संभव है कि दावानल से स्पर्श होने पर भी वन के वृक्ष खड़े रहें; परंतु राजदण्ड के पात्र अपराधी जीवित नहीं रह सकते, वे सर्वथा नष्ट हो जाते हैं॥12॥ | ramayan सर्ग 6.29: रावण का शुक और सारण को फटकारना,उसके भेजे गुप्तचरों का श्रीराम की दया से वानरों के चंगुल से छूटकर लङ्का में आना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह तो संभव है कि दावानल से स्पर्श होने पर भी वन के वृक्ष खड़े रहें; परंतु राजदण्ड के पात्र अपराधी जीवित नहीं रह सकते, वे सर्वथा नष्ट हो जाते हैं॥12॥
‘It is possible that the trees in a forest remain standing even after being touched by a forest fire; but criminals who deserve the royal punishment cannot survive. They are completely destroyed.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥