श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.28.35 
शतं वृन्दसहस्राणां महावृन्दमिति स्मृतम्।
महावृन्दसहस्राणां शतं पद्ममिहोच्यते॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'एक लाख वृन्द महावृन्द कहलाते हैं। एक लाख महावृन्द पद्म कहलाते हैं॥ 35॥
 
‘One lakh Vrinds are called Mahavrind. One lakh Mahavrinds are called Padma.॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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