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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना
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श्लोक 33
श्लोक
6.28.33
शतं शतसहस्राणां कोटिमाहुर्मनीषिण:।
शतं कोटिसहस्राणां शङ्कुरित्यभिधीयते॥ ३३॥
अनुवाद
विद्वान पुरुष एक लाख की संख्या को एक करोड़ कहते हैं और एक लाख करोड़ (एक नील) को एक शंकु कहते हैं॥ 33॥
The wise men call the number of one hundred lakhs as one crore, and one hundred thousand crores (one neel) is called a Shanku.॥ 33॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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