| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना » श्लोक 29 |
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| | | | श्लोक 6.28.29  | तेजसा यशसा बुद्धॺा बलेनाभिजनेन च।
य: कपीनतिबभ्राज हिमवानिव पर्वत:॥ २९॥ | | | | | | अनुवाद | | जैसे समस्त पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है, वैसे ही तेज, यश, बुद्धि, बल और वंश की दृष्टि से वह समस्त वानरों में श्रेष्ठ है॥29॥ | | | | ‘Just as the Himalayas are the best amongst all mountains, similarly, in terms of brilliance, fame, wisdom, strength and lineage, he is supreme amongst all the monkeys.॥ 29॥ | | ✨ ai-generated | | |
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