Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.28.24: वह अजेय, अजेय, विजयी, पराक्रमी, शत्रु को परास्त करने वाला और बलवान है। लक्ष्मण सदैव श्री राम के दाहिने हाथ पर रहते हैं और आत्मा बाहर विचरण करती है। | ramayan सर्ग 6.28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अजेय, अजेय, विजयी, पराक्रमी, शत्रु को परास्त करने वाला और बलवान है। लक्ष्मण सदैव श्री राम के दाहिने हाथ पर रहते हैं और आत्मा बाहर विचरण करती है।
He is invincible, invincible, victorious, valiant, defeats the enemy and is strong. Lakshman is always at the right hand of Shri Ram and the soul roaming outside.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥