श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.28.21 
यस्य भार्या जनस्थानात् सीता चापि हृता त्वया।
स एष रामस्त्वां राजन् योद्धुं समभिवर्तते॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! जिनकी पत्नी सीता को आपने जनस्थान से हरण किया था, वही श्री राम आपके सामने आकर युद्ध करने के लिए खड़े हैं॥ 21॥
 
O King! The same Shri Ram, whose wife Sita you abducted from Janasthaan, has come and is standing in front of you to fight.॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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