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ramayan 6.28.1: ‘जब सारण सम्पूर्ण वानर सेना का परिचय देकर चुप हो गया, तब उसका कथन सुनकर शुकदेव ने राक्षसराज रावण से कहा-॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.28.1 
सारणस्य वच: श्रुत्वा रावणं राक्षसाधिपम्।
बलमादिश्य तत् सर्वं शुको वाक्यमथाब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
‘जब सारण सम्पूर्ण वानर सेना का परिचय देकर चुप हो गया, तब उसका कथन सुनकर शुकदेव ने राक्षसराज रावण से कहा-॥1॥
 
‘When Saran became silent after introducing the entire monkey army, then listening to his statement Shuka said to the demon king Ravana -॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)