|
| |
| |
श्लोक 6.27.48  |
सर्वे महाराज महाप्रभावा:
सर्वे महाशैलनिकाशकाया:।
सर्वे समर्था: पृथिवीं क्षणेन
कर्तुं प्रविध्वस्तविकीर्णशैलाम्॥ ४८॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| महाराज! ये सभी वानर बड़े ही प्रभावशाली हैं। इनके शरीर बड़े-बड़े पर्वतों के समान विशाल हैं और इनमें पृथ्वी के समस्त पर्वतों को क्षण भर में चकनाचूर करके सर्वत्र बिखेर देने की शक्ति है।॥48॥ |
| |
| ‘Maharaj! All these monkeys are very impressive. All their bodies are as huge as big mountains and all of them have the power to shatter all the mountains on the earth and scatter them everywhere in a moment.’॥ 48॥ |
| |
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे सप्तविंश: सर्ग: ॥ २ ७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें सत्ताईसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ ७॥ |
| |
| ✨ ai-generated |
| |
|