श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 25: रावण का शुक और सारण को गुप्त रूप से वानरसेना में भेजना, श्रीराम का संदेश लेकर लङ्का में लौट रावण को समझाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.25.16 
आवामिहागतौ सौम्य रावणप्रहितावुभौ।
परिज्ञातुं बलं सर्वं तदिदं रघुनन्दन॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे सज्जन! रघुनन्दन! हम दोनों रावण के भेजे हुए हैं और इस सम्पूर्ण सेना की आवश्यक जानकारी लेने आए हैं। 16॥
 
Gentle! Raghunandan! Both of us have been sent by Ravana and we have come to get necessary information about this entire army. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)