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ramayan 6.24.5: राक्षसों ने वानरों की दहाड़ सुनी जो गर्व से दहाड़ रहे थे। उनकी आवाज़ आकाश में बादलों की गर्जना के समान थी।   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.24.5 
राक्षसास्तत् प्लवंगानां शुश्रुवुस्तेऽपि गर्जितम्।
नर्दतामिव दृप्तानां मेघानामम्बरे स्वनम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
राक्षसों ने वानरों की दहाड़ सुनी जो गर्व से दहाड़ रहे थे। उनकी आवाज़ आकाश में बादलों की गर्जना के समान थी।
 
The demons heard the roar of the monkeys who were roaring proudly. Their voice sounded like the roar of the clouds in the sky. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)