श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.24.4 
बभूवुस्तेन घोषेण संहृष्टा हरियूथपा:।
अमृष्यमाणास्तद् घोषं विनेदुर्घोषवत्तरम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उस कोलाहलपूर्ण शब्द को सुनकर वानर योद्धा हर्ष और उत्साह से भर गए और उसे सहन न कर पाने के कारण और भी जोर से गर्जना करने लगे ॥4॥
 
On hearing that tumultuous noise, the monkey warriors were filled with joy and enthusiasm, and unable to bear it, they began to roar even louder. ॥4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)