vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना
»
श्लोक 4
श्लोक
6.24.4
बभूवुस्तेन घोषेण संहृष्टा हरियूथपा:।
अमृष्यमाणास्तद् घोषं विनेदुर्घोषवत्तरम्॥ ४॥
अनुवाद
उस कोलाहलपूर्ण शब्द को सुनकर वानर योद्धा हर्ष और उत्साह से भर गए और उसे सहन न कर पाने के कारण और भी जोर से गर्जना करने लगे ॥4॥
On hearing that tumultuous noise, the monkey warriors were filled with joy and enthusiasm, and unable to bear it, they began to roar even louder. ॥4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×