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ramayan 6.24.35: शुकदेव की यह बात सुनकर रावण की आँखें क्रोध से लाल हो गईं। वह उसे इस प्रकार घूरने लगा मानो उसे अपनी दृष्टि से जला डालेगा। उसने कहा -   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.24.35 
शुकस्य वचनं श्रुत्वा रावणो वाक्यमब्रवीत्।
रोषसंरक्तनयनो निर्दहन्निव चक्षुषा॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव की यह बात सुनकर रावण की आँखें क्रोध से लाल हो गईं। वह उसे इस प्रकार घूरने लगा मानो उसे अपनी दृष्टि से जला डालेगा। उसने कहा -
 
Hearing this from Shuka, Ravana's eyes turned red with anger. He started staring at him as if he would burn him with his sight. He said -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)