Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.24.25-26h: उस समय रावण ने हँसकर शुक से पूछा, "तुम्हारे दोनों पंख क्यों बाँध दिए गए हैं? इससे तुम ऐसे प्रतीत हो रहे हो मानो तुम्हारे पंख उखाड़ दिए गए हों। क्या तुम उन चंचल वानरों के चंगुल में फँस गए थे?"॥25 1/2॥ | ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय रावण ने हँसकर शुक से पूछा, "तुम्हारे दोनों पंख क्यों बाँध दिए गए हैं? इससे तुम ऐसे प्रतीत हो रहे हो मानो तुम्हारे पंख उखाड़ दिए गए हों। क्या तुम उन चंचल वानरों के चंगुल में फँस गए थे?"॥25 1/2॥
At that time Ravana laughingly asked Shuka, 'Why have both your wings been tied? Because of this you look as if your wings have been plucked out. Were you trapped in the clutches of those fickle-minded monkeys?'॥ 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥