Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.24.23: श्री राम के ये वचन सुनकर महाबली वानरराज ने उनकी आज्ञा से रावण के दूत शुक को कैद से मुक्त कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.24.23 
रामस्य तु वच: श्रुत्वा वानरेन्द्रो महाबल:।
मोचयामास तं दूतं शुकं रामस्य शासनात्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के ये वचन सुनकर महाबली वानरराज ने उनकी आज्ञा से रावण के दूत शुक को कैद से मुक्त कर दिया।
 
On hearing these words of Sri Rama, the mighty monkey king, on his orders, released Ravana's messenger Shuka from captivity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)