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ramayan 6.24.17-18h: 'मैं लक्ष्मण सहित इस सेना के अग्रभाग में सावधानी से खड़ा रहूँगा। जाम्बवान, सुषेण तथा वानर वेददर्शी - ये तीन महामनस्वी योद्धा जो रीछ सेना के प्रमुख हैं, सेना के उदर की रक्षा करें।   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  6.24.17-18h 
मूर्ध्नि स्थास्याम्यहं यत्तो लक्ष्मणेन समन्वित:।
जाम्बवांश्च सुषेणश्च वेगदर्शी च वानर:॥ १७॥
ऋक्षमुख्या महात्मान: कुक्षिं रक्षन्तु ते त्रय:।
 
 
अनुवाद
'मैं लक्ष्मण सहित इस सेना के अग्रभाग में सावधानी से खड़ा रहूँगा। जाम्बवान, सुषेण तथा वानर वेददर्शी - ये तीन महामनस्वी योद्धा जो रीछ सेना के प्रमुख हैं, सेना के उदर की रक्षा करें।
 
‘I will stand cautiously at the head of this formation along with Lakshmana. Jambavan, Sushen and Vanar Vegdarshi - these three great-minded warriors who are the heads of the bear army, should protect the belly of the army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)