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ramayan 6.24.10: पूर्वकाल में यह नगर अनेक सप्तमंजिल भवनों से युक्त था। जहाँ भगवान विष्णु ने अपने चरण रखे थे, वहाँ का आकाश भी श्वेत और सघन भवनों से आच्छादित प्रतीत होता था॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.24.10 
विमानैर्बहुभिर्लङ्का संकीर्णा रचिता पुरा।
विष्णो: पदमिवाकाशं छादितं पाण्डुभिर्घनै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
पूर्वकाल में यह नगर अनेक सप्तमंजिल भवनों से युक्त था। जहाँ भगवान विष्णु ने अपने चरण रखे थे, वहाँ का आकाश भी श्वेत और सघन भवनों से आच्छादित प्रतीत होता था॥10॥
 
‘In the past, this city was built with many seven-storeyed buildings. The sky where Lord Vishnu set his feet seemed to have been covered with its white and compact buildings.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)