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ramayan 6.24.1: सुग्रीव ने उस वीर वानर सेना की अच्छी व्यवस्था की थी, जिससे वह सेना चन्द्रमा और शुभ नक्षत्रों से सुशोभित शरद ऋतु की पूर्णिमा के समान शोभा पा रही थी॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.24.1 
सा वीरसमिती राज्ञा विरराज व्यवस्थिता।
शशिना शुभनक्षत्रा पौर्णमासीव शारदी॥ १॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव ने उस वीर वानर सेना की अच्छी व्यवस्था की थी, जिससे वह सेना चन्द्रमा और शुभ नक्षत्रों से सुशोभित शरद ऋतु की पूर्णिमा के समान शोभा पा रही थी॥1॥
 
Sugreeva had made proper arrangements for that valiant monkey army. Because of them, it looked as beautiful as the full moon of autumn season adorned with the moon and auspicious stars. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)