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ramayan 6.23.10: हे सुमित्रानन्दन! देखो, ये तारे धूल के विशाल परिमाण से आच्छादित होने के कारण व्याकुल हो गए हैं, अतः ये संसार के भावी विनाश की सूचना दे रहे हैं॥ 10॥   |   ramayan सर्ग 6.23: श्रीराम का लक्ष्मण से उत्पातसूचक लक्षणों का वर्णन और लङ्का पर आक्रमण   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.23.10 
रजसा महता चापि नक्षत्राणि हतानि च।
युगान्तमिव लोकानां पश्य शंसन्ति लक्ष्मण॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे सुमित्रानन्दन! देखो, ये तारे धूल के विशाल परिमाण से आच्छादित होने के कारण व्याकुल हो गए हैं, अतः ये संसार के भावी विनाश की सूचना दे रहे हैं॥ 10॥
 
O Sumitra Nandan! Look, these stars have become bewildered due to being covered with a huge amount of dust, and therefore they are giving information about the future destruction of the world.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)