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ramayan 6.22.9: उस समय आकाश में सैकड़ों उल्काएँ चमकने लगीं, जिससे वह प्रकाशित होने लगा और अंतरिक्ष से अनोखी और तीव्र गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने लगी॥9॥   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.22.9 
प्रचकाशे तदाऽऽकाशमुल्काशतविदीपितम्।
अन्तरिक्षाच्च निर्घाता निर्जग्मुरतुलस्वना:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस समय आकाश में सैकड़ों उल्काएँ चमकने लगीं, जिससे वह प्रकाशित होने लगा और अंतरिक्ष से अनोखी और तीव्र गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने लगी॥9॥
 
At that time, hundreds of meteors began to blaze in the sky, illuminating it, and thunderbolts began to fall from the space along with a unique and loud rumbling sound.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)