श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.22.8 
तिर्यक् च सह नक्षत्रै: संगतौ चन्द्रभास्करौ।
भास्करांशुभिरादीप्तं तमसा च समावृतम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
चन्द्रमा और सूर्य तारों के साथ तिरछे चलने लगे। सूर्य की किरणों से प्रकाशित होने पर भी आकाश अंधकारमय ही रहा। 8॥
 
The moon and the sun started moving obliquely with the stars. Despite being illuminated by the sun's rays, the sky remained dark. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)