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ramayan 6.22.63: नदियों और जलधाराओं के स्वामी नल समुद्र पर एक विशाल पुल का निर्माण कर रहे थे। भयंकर कर्म करने में समर्थ वानरों ने मिलकर पुल निर्माण का कार्य आरम्भ कर दिया था।   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.22.63 
नलश्चक्रे महासेतुं मध्ये नदनदीपते:।
स तदा क्रियते सेतुर्वानरैर्घोरकर्मभि:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
नदियों और जलधाराओं के स्वामी नल समुद्र पर एक विशाल पुल का निर्माण कर रहे थे। भयंकर कर्म करने में समर्थ वानरों ने मिलकर पुल निर्माण का कार्य आरम्भ कर दिया था।
 
Nala, the lord of rivers and streams, was building a great bridge across the ocean. The monkeys, who were capable of terrible deeds, had joined together and started the work of building the bridge. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)