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श्लोक  6.22.62 
समुद्रं क्षोभयामासुर्निपतन्त: समन्तत:।
सूत्राण्यन्ये प्रगृह्णन्ति ह्यायतं शतयोजनम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
उन वानरों ने समुद्र में जगह-जगह पत्थर फेंककर हलचल मचा दी। कुछ अन्य वानरों ने सौ योजन लम्बा धागा पकड़ रखा था। 62.
 
Those monkeys created a stir in the ocean by throwing stones everywhere. Some other monkeys were holding a thread that was hundred yojanas long. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)