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ramayan 6.22.55: वह महाप्रतापी वानरराज पर्वत के समान विशाल पर्वत शिखरों और वृक्षों को तोड़कर समुद्र में खींच ले जाता था ॥ 55॥   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.22.55 
ते नगान् नगसंकाशा: शाखामृगगणर्षभा:।
बभञ्जु: पादपांस्तत्र प्रचकर्षुश्च सागरम्॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
वह महाप्रतापी वानरराज पर्वत के समान विशाल पर्वत शिखरों और वृक्षों को तोड़कर समुद्र में खींच ले जाता था ॥ 55॥
 
That great monkey leader, as huge as a mountain, would break mountain peaks and trees and drag them down to the sea. ॥ 55॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)