Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.22.53: मैं समुद्र पर पुल बनाने में सक्षम हूं, इसलिए सभी बंदरों को आज ही पुल बनाने का काम शुरू कर देना चाहिए।'   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  6.22.53 
समर्थश्चाप्यहं सेतुं कर्तुं वै वरुणालये।
तस्मादद्यैव बध्नन्तु सेतुं वानरपुङ्गवा:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
मैं समुद्र पर पुल बनाने में सक्षम हूं, इसलिए सभी बंदरों को आज ही पुल बनाने का काम शुरू कर देना चाहिए।'
 
I am capable of building a bridge over the ocean, so all the monkeys should begin the work of building the bridge today itself.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)