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ramayan 6.22.36: जहाँ वह वज्र और भाले के समान चमकीला बाण गिरा था, वह बाण उस बाण के कारण पृथ्वी पर दुर्गम मरुभूमि के नाम से प्रसिद्ध हो गया ॥36॥   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.22.36 
तेन तन्मरुकान्तारं पृथिव्यां किल विश्रुतम्।
निपातित: शरो यत्र वज्राशनिसमप्रभ:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जहाँ वह वज्र और भाले के समान चमकीला बाण गिरा था, वह बाण उस बाण के कारण पृथ्वी पर दुर्गम मरुभूमि के नाम से प्रसिद्ध हो गया ॥36॥
 
The place where that arrow, as bright as a thunderbolt and a spear, had fallen, became famous on Earth as an inaccessible desert because of that arrow. ॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)