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ramayan 6.22.31: श्री रामचन्द्रजी के ये वचन सुनकर और उस महान बाण को देखकर महाबली महासागर ने रघुनाथजी से कहा-॥31॥   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.22.31 
रामस्य वचनं श्रुत्वा तं च दृष्ट्वा महाशरम्।
महोदधिर्महातेजा राघवं वाक्यमब्रवीत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी के ये वचन सुनकर और उस महान बाण को देखकर महाबली महासागर ने रघुनाथजी से कहा-॥31॥
 
Hearing these words of Shri Ramchandraji and seeing that great arrow, the mighty Mahasagar said to Raghunathji -॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)