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श्लोक  6.22.22-23h 
आघूर्णिततरङ्गौघ: कालिकानिलसंकुल:॥ २२॥
गङ्गासिन्धुप्रधानाभिरापगाभि: समावृत:।
 
 
अनुवाद
बेचैन लहरें उसे घेरे हुए थीं। वह बादलों और हवा से घिरा हुआ था और गंगा और सिंधु जैसी नदियाँ उसे चारों ओर से घेरे हुए थीं।
 
The restless waves were surrounding it. It was covered with clouds and wind and the rivers like Ganga and Sindhu were surrounding it from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)