Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.22.21-22h: इसीलिए वे नाना प्रकार की धातुओं से विभूषित हिम पर्वत के समान प्रतीत होते थे। उनके विशाल वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि के समान एक श्वेत कांतिमय मणि थी, जो मोतियों की एक ही माला के मध्य में चमक रही थी। | ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसीलिए वे नाना प्रकार की धातुओं से विभूषित हिम पर्वत के समान प्रतीत होते थे। उनके विशाल वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि के समान एक श्वेत कांतिमय मणि थी, जो मोतियों की एक ही माला के मध्य में चमक रही थी।
That is why he looked like a snowy mountain adorned with various kinds of metals. On his huge chest he wore a white radiant gem, which was shining in the middle of a single necklace of pearls, similar to the brother of the Kaustubh gem.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥