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श्लोक  6.22.20 
जातरूपमयैश्चैव तपनीयविभूषणै:।
आत्मजानां च रत्नानां भूषितो भूषणोत्तमै:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
सोने और पॉलिश किए हुए सोने के आभूषणों ने उसकी सुंदरता को और बढ़ा दिया था। वह अपने भीतर उत्पन्न रत्नों के उत्तम आभूषणों से सुशोभित था।
 
Ornaments of gold and polished gold enhanced his beauty. He was adorned with the finest ornaments of gems produced within himself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)