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ramayan 6.22.13-14h: उनमें से कई लोग अभिभूत होकर गिर पड़े। कई भयभीत और चिंतित हो गए। कुछ दर्द से व्याकुल हो गए और कई डर के मारे सुन्न हो गए।   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  6.22.13-14h 
शिश्यिरे चाभिभूतानि संत्रस्तान्युद्विजन्ति च॥ १३॥
सम्प्रविव्यथिरे चापि न च पस्पन्दिरे भयात्।
 
 
अनुवाद
उनमें से कई लोग अभिभूत होकर गिर पड़े। कई भयभीत और चिंतित हो गए। कुछ दर्द से व्याकुल हो गए और कई डर के मारे सुन्न हो गए।
 
Many of them were overwhelmed and fell down. Many became frightened and anxious. Some were distraught with pain and many became numb with fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)