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दिवि च स्म महामेघा: संहता: समहास्वना:॥ ११॥
मुमुचुर्वैद्युतानग्नींस्ते महाशनयस्तदा।
यानि भूतानि दृश्यानि चुक्रुशुश्चाशने: समम्॥ १२॥
अदृश्यानि च भूतानि मुमुचुर्भैरवस्वनम्।
अनुवाद
बड़े-बड़े, बड़े-बड़े वज्र आकाश में गड़गड़ाहट के साथ टकराए और फिर बिजली की आग बरसाने लगे। जो प्राणी दिखाई दे रहे थे और जो दिखाई नहीं दे रहे थे, वे सभी बिजली की गड़गड़ाहट के समान भयानक शब्द करने लगे।
The huge thunderbolts of great force collided in the sky with a loud rumbling sound and then began to shower electric fire. The creatures that were visible and those that were not visible, all began to make terrifying sounds like the thunder of lightning. 11-12 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥