Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.22.10-11h: परिवाह आदि वायु तरंगों का समूह बड़े वेग से बहने लगा। बादलों को उड़ाता हुआ वह बार-बार वृक्षों को तोड़ने लगा, बड़े-बड़े पर्वतों से टकराकर उनके शिखरों को तोड़कर गिराने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  6.22.10-11h 
वपु:प्रकर्षेण ववुर्दिव्यमारुतपङ्‍क्तय:।
बभञ्ज च तदा वृक्षाञ्जलदानुद्वहन्मुहु:॥ १०॥
आरुजंश्चैव शैलाग्रान् शिखराणि बभञ्ज च।
 
 
अनुवाद
परिवाह आदि वायु तरंगों का समूह बड़े वेग से बहने लगा। बादलों को उड़ाता हुआ वह बार-बार वृक्षों को तोड़ने लगा, बड़े-बड़े पर्वतों से टकराकर उनके शिखरों को तोड़कर गिराने लगा।
 
The group of air waves like Parivaha etc. started blowing with great speed. Blowing away the clouds, it started breaking trees repeatedly, colliding with big mountains and breaking their peaks and making them fall. 10 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)