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ramayan 6.21.28: ‘मछलियों और मगरमच्छों सहित समुद्र का महान वेग अचानक अत्यंत भयानक हो गया। वहाँ तूफान के समान कोलाहल मच गया॥28॥   |   ramayan सर्ग 6.21: श्रीराम का समुद्र के तट पर तीन दिनों तक धरना देने पर भी समुद्र के दर्शन न देने से बाण मारकर विक्षुब्ध कर देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 21: श्रीराम का समुद्र के तट पर तीन दिनों तक धरना देने पर भी समुद्र के दर्शन न देने से बाण मारकर विक्षुब्ध कर देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.21.28 
तोयवेग: समुद्रस्य समीनमकरो महान्।
स बभूव महाघोर: समारुतरवस्तथा॥ २८॥
 
 
अनुवाद
‘मछलियों और मगरमच्छों सहित समुद्र का महान वेग अचानक अत्यंत भयानक हो गया। वहाँ तूफान के समान कोलाहल मच गया॥28॥
 
‘The great velocity of the water of the ocean along with the fishes and crocodiles suddenly became extremely terrifying. There was a storm like uproar there.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)