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ramayan 6.21.10: नियमों की परवाह न करते हुए, कुशा से ढकी हुई भूमि पर सोते हुए, श्री राम ने वहाँ तीन रातें बिताईं।   |   ramayan सर्ग 6.21: श्रीराम का समुद्र के तट पर तीन दिनों तक धरना देने पर भी समुद्र के दर्शन न देने से बाण मारकर विक्षुब्ध कर देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.21.10 
तस्य रामस्य सुप्तस्य कुशास्तीर्णे महीतले।
नियमादप्रमत्तस्य निशास्तिस्रोऽभिजग्मतु:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
नियमों की परवाह न करते हुए, कुशा से ढकी हुई भूमि पर सोते हुए, श्री राम ने वहाँ तीन रातें बिताईं।
 
Sleeping on the ground covered with kusha grass, without being careless about the rules, Sri Rama spent three nights there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)