श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  6.20.8 
शार्दूलस्य वच: श्रुत्वा रावणो राक्षसेश्वर:।
उवाच सहसा व्यग्र: सम्प्रधार्यार्थमात्मन:।
शुकं साधु तदा रक्षो वाक्यमर्थविदां वरम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
शार्दूल के वचन सुनकर राक्षसराज रावण सहसा चिंतित हो गया और अपना कर्तव्य निश्चित करके उसने अर्थशास्त्रियों में श्रेष्ठ शुक नामक राक्षस से ये शुभ वचन कहे -
 
On hearing Shardul's words, the demon king Ravana suddenly became anxious and after deciding his duty, he spoke these good words to the demon named Shuka, who was the best among economists -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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