श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.20.34 
नाघातयत् तदा राम: श्रुत्वा तत्परिदेवितम्।
वानरानब्रवीद् रामो मुच्यतां दूत आगत:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
उस समय उसका विलाप सुनकर श्रीराम ने उसे मरने नहीं दिया और वानरों से कहा, 'उसे छोड़ दो। वह दूत बनकर आया था।'
 
Hearing his lamentation at that time, Shri Ram did not allow him to be killed. He said to the monkeys, 'Leave him. He had come as a messenger.'
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे विंश: सर्ग: ॥ २ ०॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें बीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ २ ०॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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