श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.20.31 
ततो राज्ञा समादिष्टा: समुत्पत्य वलीमुखा:।
जगृहुश्च बबन्धुश्च विलपन्तमनाथवत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तब राजा सुग्रीव की आज्ञा से वानरों ने झपटकर उसे पकड़ लिया और बाँध लिया। वह बेचारा अनाथ की भाँति विलाप करता रहा। 31।
 
Then, on the orders of King Sugreeva, the monkeys jumped and caught him and tied him up. The poor fellow kept wailing like an orphan. 31.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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