Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.20.3-4h: महाराज! वानरों और भालुओं का एक दल लंका की ओर आ रहा है। यह किसी दूसरे सागर के समान गहरा और अनंत है।   |   ramayan सर्ग 6.20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  6.20.3-4h 
एष वै वानरर्क्षौघो लङ्कां समभिवर्तते॥ ३॥
अगाधश्चाप्रमेयश्च द्वितीय इव सागर:।
 
 
अनुवाद
महाराज! वानरों और भालुओं का एक दल लंका की ओर आ रहा है। यह किसी दूसरे सागर के समान गहरा और अनंत है।
 
‘Maharaj! A stream of monkeys and bears is coming towards Lanka. It is as deep and infinite as another ocean. 3 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)