श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.20.26 
तस्य ते त्रिषु लोकेषु न पिशाचं न राक्षसम्।
त्रातारं नानुपश्यामि न गन्धर्वं न चासुरम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मैं तीनों लोकों में कोई भूत, पिशाच, गन्धर्व या राक्षस नहीं देखता जो तुम्हारी रक्षा कर सके॥ 26॥
 
I don't see any ghost, devil, Gandharva or demon in the three worlds who can protect you.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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