श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.20.24 
निहन्म्यहं त्वां ससुतं सबन्धुं
सज्ञातिवर्गं रजनीचरेश।
लङ्कां च सर्वां महता बलेन
सर्वै: करिष्यामि समेत्य भस्म॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यराज! मैं तुम्हारे पुत्रों, बन्धुओं और परिवारजनों सहित तुम्हें मार डालूँगा और एक विशाल सेना लेकर आकर सम्पूर्ण लंकापुरी का विनाश कर दूँगा॥ 24॥
 
O King of the demons! I will kill you along with your sons, relatives and family members and will come with a huge army and destroy the entire Lankapuri.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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