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ramayan 6.20.22: शुकदेव के ऐसा पूछने पर कपियों के तेज से सुशोभित महाबली एवं उदार वानरराज सुग्रीव ने उस रात्रिकालीन दूत से यह स्पष्ट एवं शुद्ध बात कही - ॥22॥   |   ramayan सर्ग 6.20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.20.22 
स एवमुक्त: प्लवगाधिपस्तदा
प्लवंगमानामृषभो महाबल:।
उवाच वाक्यं रजनीचरस्य
चारं शुकं शुद्धमदीनसत्त्व:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव के ऐसा पूछने पर कपियों के तेज से सुशोभित महाबली एवं उदार वानरराज सुग्रीव ने उस रात्रिकालीन दूत से यह स्पष्ट एवं शुद्ध बात कही - ॥22॥
 
When Shuka asked this, then the mighty and generous monkey king Sugreeva, who was adorned with the glory of the Kapis, told the following clear and pure thing to that night-time messenger - ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)