श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  6.20.14-15h 
स गत्वा दूरमध्वानमुपर्युपरि सागरम्।
संस्थितो ह्यम्बरे वाक्यं सुग्रीवमिदमब्रवीत्॥ १४॥
सर्वमुक्तं यथाऽऽदिष्टं रावणेन दुरात्मना।
 
 
अनुवाद
समुद्र के पार बहुत दूर तक यात्रा करके वह सुग्रीव के पास पहुँचा और आकाश में रहकर उसने दुष्टात्मा रावण की आज्ञा के अनुसार उससे वे सब बातें कहीं ॥14 1/2॥
 
Travelling a very long distance over the sea, he reached Sugreeva and staying in the sky, he told him all those things as per the orders of the evil souled Ravana. ॥14 1/2॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas