श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.20.13 
स तदा राक्षसेन्द्रेण संदिष्टो रजनीचर:।
शुको विहंगमो भूत्वा तूर्णमाप्लुत्य चाम्बरम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
दैत्यराज रावण का यह सन्देश पाकर रात्रिचर शुक ने तुरन्त तोते का रूप धारण किया और आकाश में उड़ गया ॥13॥
 
Upon receiving this message from the king of demons, Ravana, the night creature Shuka immediately took the form of a parrot and flew into the sky. ॥13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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