श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 20: शार्दूल के कहने से रावण का शुक को दूत बनाकर सुग्रीव के पास संदेश भेजना, सुग्रीव का रावण के लिये उत्तर देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.20.11 
अहं यद्यहरं भार्यां राजपुत्रस्य धीमत:।
किं तत्र तव सुग्रीव किष्किन्धां प्रति गम्यताम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव! यदि मैंने बुद्धिमान राजकुमार राम की पत्नी का अपहरण कर लिया है, तो इसमें तुम्हारा क्या दोष है? अतः तुम किष्किन्धा लौट जाओ।
 
Sugreeva! If I have abducted the wife of the wise prince Rama, what is the harm in that for you? Therefore, you should return to Kishkinda.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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