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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 2: सुग्रीव का श्रीराम को उत्साह प्रदान
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श्लोक 9
श्लोक
6.2.9
सेतुरत्र यथा बद्धॺेद् यथा पश्येम तां पुरीम्।
तस्य राक्षसराजस्य तथा त्वं कुरु राघव॥ ९॥
अनुवाद
रघुनन्दन! आप कुछ ऐसा कीजिए कि समुद्र पर पुल बन जाए और हम उस राक्षसराज की लंकापुरी देख सकें॥9॥
Raghunandan! Please do something so that a bridge can be built over the ocean and we can see the Lankapuri of that demon king.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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