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श्लोक 11
श्लोक
6.2.11
अबद्ध्वा सागरे सेतुं घोरे च वरुणालये।
लङ्कां न मर्दितुं शक्या सेन्द्रैरपि सुरासुरै:॥ ११॥
अनुवाद
‘वरुण के निवासस्थान वाले भयंकर समुद्र पर सेतु बनाए बिना, समस्त देवताओं और दानवों सहित इन्द्र भी लंका को रौंद नहीं सकते।॥11॥
‘Without building a bridge over the fierce ocean where Varuna resides, even Indra, along with all the gods and demons cannot trample Lanka.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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